Tension khatm aasani se.




नमस्कार दोस्तों, 

आज के तनावग्रस्त जीवन के हर व्यक्ति किसी न किसी कारन परेशान है हमारी लाइफ भागती हुई ट्रैन जैसी हो गयी है जैसे हमारे ऊपर ज़िम्मेदारी बढ़ती साथ साथ परेशानी भी बढ़ती जाती है जिसके कारन लाइफ मानसिक दवाब महसूस करने लगते. जिसके कारन इंसान के मन में बुरे ख्याल आने लगते जैसे आत्महत्या, घरेलु हिंसा, ये सब यही से उपजा है जिसके लिए अगर आप डॉक्टर के पास जाये वो आपको वही रेगुलर बाते बोलगेगा एक्साइज,मेडिशन, योगा, etc मानता हु ये उपाए काम करता है पर प्रैक्टली न तोह हम इससपे रेगुलर रह पाते और ये लम्बे समय में आप्लिकेबले होता है. दोस्तों हमारी समस्या हमारी सोच की, जो हमारे देश की परंपरागत परवरिश और तुलना करने वाले शिक्षा प्रणाली के कारण ये हम पे हावी हुई है  

आपको याद होगा बचपन आपके माता पिता एक बात बोलते"की उनका लड़का या लड़की को देखो वो कैसे नंबर लाता और तुझे देखो, उनके बच्चे बिलकुल नहीं लड़ते, दिन भर घर में रहते, तुमको देखो स्कूल में टीचर तुलना करते धीरे धीरे ये aadat हमारी सोच का हिस्सा बन जाती है और हम भी जब किसी को कामयाब देखते तुलना करने लग जाते है और आदत हम सब में होती है चाहे आप माने या न माने ये. समस्या ये की हम समाधान बहार तलाश कर रहे है जबकि वो हमारे अंदर ही है  आज हम किन छोटी -छोटी आदतों में बदलाव करके बड़ी से बड़ी समस्या या मानसिक दबाव को कम कर सकते और एक हैप्पी लाइफ जी सकते है इसके बारे में जानेगे -

तुलना ना करे:-

जैसा कि हमने बात कि तुलना करने वाले विचार अपने दिमाग में ना आने दे आप जैसे भी यूनिक है ऊपर वाला कोई भी चीज़ फालतू नहीं बनता दोस्तों आपको ये बात  खुद समझानी पड़ेगी कई बार हम खुद कि दुसरो तुलना करने लगते है जो हमें हीन भावना से ग्रसित कर देता जिससे हमारा आत्मविश्वास कम हो जाता है हम खुद से क्या बोलते रहते वही हमारे दिमाग को याद रहता ऐसे हम जल्दी अवसाद ग्रस्त हो जाते इसे आदत को त्याग दे .


माइंड को ठंडा रखे :-

दिमाग ठंडा रखे ये बात आपने कई लेखो में पढ़ी होगी लेकिन सोचो कैसे क्या ये इतना आसान है नहीं  कोई भी व्यक्ति हर परस्थिति खुद ठंडा नहीं रख सकता ऐसे में हमें अपने माइंड को डाइवर्ट करना आना चाहिए आप ये मानना पड़ेगा आपका माइंड आप से अलग है तभी आप इसे कंट्रोल कर पाएंगे हमारा माइंड कुछ ऐसे काम करता है हम जो डाटा  इसको देते इसमें वही घूमता रहता जैसे आप आज बहोत परेशान है दिन भर आपके माइंड में वही बाते घूमती रहती जो तनाव कारण बनती ऐसे आपको अपने माइंड को डाइवर्ट करना आना चाइये इससे आप किसी भी मानसिक परिस्थिति में मानसिक रूप से बैलेंस रहेंगे ये करना आसान नहीं पर आप प्रयास करके इसे आदत बना सकते है ..इससे कोई भी परस्थिति आप हावी नहीं होगी ...माइंड को बैलेंस रखने का सबसे बढ़िया तरीका का है आप थोड़ा समय लेके प्रतिक्रिया दे...


खुद को समय दे :

लगातार काम करते करते हमारी कार्य- झमता कम हो जाती है ऐसे खुद खुद समय ना दे पाने से भी आप भी अवसाद ग्रसित हो जाते  है आपने अक्सर घर बड़ो से या खुद से कही बार सुना होगा "जिम्मेदारी के कारण अपने लिए तो में कुछ कर ही नहीं पाता " देखिये समस्या ,आवश्कता जीवन भर बनी रहनी है ये आपको मानना पड़ेगा ऐसे आप खुद को दुखी मत रखिये जानते है हम सब पर माता ,पिता ,बच्चो ,करियर ,कि चिंता बनी रहती चाहे लड़का हो या लड़की सब पर फिर भी दिन में 1घंटा खुद लिए निकालिये उस समय में आप वो काम करिये जिससे आपको खुशी मिलती जैसे - मेरी बात करू तो मुझे पाइनो बजाना पसंद में कितनी भी परेशान हु बिजी हु पर रोज कुछ समय पाइनो बजता हु ऐसी ही आपको जो भी पसंद हो उस 1घंटे वही करो जो आपको खुसी दे चाहे घूमना ,डांस करना ,पतंग उडाना ,क्रिकेट ,कुछ भी हो ..याद रखिये उस समय किसी के लिए भी ख़राब मत करिये ..ऐसा करने से आप खुद ही महसूस करेंगे आप अगले दिन के चार्ज उप हो जायेगे और ये आप खुसी को दुगना कर देना .उतना मुश्किल भी नहीं जितना आप सोच रहे है कोशिश करिये 😇

  

दुसरो के बारे मत सोचिये :-

हमारा आधा समय ये सोचने बीत जाता के सामने वाला हमारे बारे क्या सोच रहा होगा 

देखिये "इस दुनिया में 80% लोगो को फर्क नहीं पड़ता कि आप प्रॉब्लम में है ,और 20% ये जानकर खुश है कि आप प्रॉब्लम में है "तो फिर दुनिया कि चिंता क्यों आपने ऊपर फोकस रखिये  आपकी प्रॉब्लम आपको ही हल करनी है तो दुसरो के बारे में क्यों सोचना..ऐसा करने से आप खुद पे निर्भर महसूस करेंगे.एक बात याद रखिये आप 100% खुश किसी को भी नहीं रख सकते चाहे वो माता पिता ,पत्नी ,बच्चे ,बॉस कोई भी .इस कारण ओवेरथिकिंग में मत फसिये *आप खुश रहिए आप खुश रहेंगे तो आपके आसपास का वातावरण खुश रहेगा *.


परिवार से जुड़े रहिए :-

जैसे जैसे संस्कृति का विकास होता जा रहा है एकांकी परिवार ही बढ़ते जा रहे आपको याद होगा पुराने समय में घर कोई भी बहस झगड़ा होता था दादाजी एक आवाज़ से खतम हो जाता था सब चुप हो जाते थे लेकिन आज कल परिवार साथ ना रहने के कारण ये सब खतम सा हो गया है कुछ परिवार तरक्की के कारण माता पिता से दूर रहते कुछ रिस्तो में गलतफैमी के कारण बाकी जो साथ रहते वो सिर्फ इतना ही करते है मम्मी पापा खाना खा लिया बस हो गया अगर कुछ बोले तो कहते आप मेरी समस्या नहीं समझोगे अच्छा ऐसा कहते वक़्त आप ये भूल जाते है कि जब आप बोल नहीं पाते थे तब भी आप क्या कहना चाहते हो वो समझ जाते थे .

दोस्तो पेड़ कितना ही बूढ़ा क्यों ना हो छाव  देने काम आता है ,पानी कितना ही गन्दा क्यों ना आग भुजाने के काम आता है जब भी आप परेशानी में हो तो उनके पास बैठिये बात करिये हो सकता आप कि परेशानी वो समझ ना पाए पर उनका आप सर पे हाथ रख के इतना कहना बेटा सब ठीक हो जायेगा आपकी मानसिक शक्ति दुगना कर देगा ..


आपने अंदर के बच्चे को जिन्दा रखे :

दोस्तों या तो हम देकर जा सकते या छोड़कर साथ कुछ नहीं जाना तो जीवन की समस्या के कारण खुल के जीना क्यों छोड़ना हमेसा खुल के जिए कभी कभी बच्चो के साथ बच्चे बन जाओ मस्ती करो डांस करो में जनता हु आप ये थोड़ा अजीब लगेगा पर ऐसा करने से जो आपको रोकता वो आपका ईगो है दोस्तों याद रखिये ज्यादा समझदार लोग आपको  दुखी ही मिलेंगे आप ऐसा क्यों सोचते है की सारी दुनिया का बोझ आपके कंधे पे है इस लिए अपने अंदर के बच्चे को जिन्दा रखिये ..इससे आप तनाव रहित महसूस करेंगे ..! दोस्तो "जीवन को इतना शानदार बनाओ की आप को याद करके किसी निराश व्यक्ति की आँखो में चमक आ जाये " 


दोस्तों ये थे कुछ खास उपाए जिनको करके आप आपनी लाइफ तनाव रहित बना सकते है आशा करता हु आपको पसंद आये दोस्तो मेने आपने लेख में जो टिप्स बताये वो मेने खुद भी इस्तमाल किये है इनको अपना कर आप तनाव रहित लाइफ जियो भगवान पे विश्वास बनाये रखो और आपको लेख पसंद आया हो तो अपने फ्रैंड्स रिस्तेदार इससे शेयर करो हो सकता आपके शेयर कारण किसी और लाइफ में भी चेंज आ जाये ..इस लेख को पढ़ने धन्यवाद् अपना ध्यान रखे जल्दी मिलता हु अगले ब्लॉग में ......!!अंकित 


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